अंबाला कवरेज @ अमित अठवाल
अंबाला। अंबाला शहर पीकेआर जैन स्कूल मैनेजमेंट में कोषाध्यक्ष पंकज जैन के साथ चल रहे विवाद में नए दस्तावेज सामने आने के बाद एक बार फिर मामला गर्मा गया है। पीकेआर जैन स्कूल मैनेजमेंट में कोषाध्यक्ष पंकज जैन की तरफ से जिला रजिस्ट्रार के पास याचिका दाखिल कर स्कूल मैनेजमेंट के पदाधिकारियों पर आरोप लगाए गए थे, जिसकी सुनवाई के बाद जिला रजिस्ट्रार ने अपने आदेशों में स्पष्टतौर पर साफ कर दिया था कि एक्ट और बायलोज में मैनेजर को पावर नही और कोषाध्यक्ष पंकज जैन की पावर को कम नही किया जा सकता और बैंक मे साइन चैंज नहीं कर सकते। इतना ही नही कोषाध्यक्ष को हटाया नही जा सकता। जिसके बाद जिला रजिस्ट्रार की ओर से दिए आदेशों के खिलाफ स्कूल प्रबंधक कमेटी स्टेट रजिस्ट्रार के पास अपील में गई और उन्होंने 23 जुलाई 2026 को जिला रजिस्ट्रार द्वारा 15 मई 2026 को दिए आदेशों पर दोबारा सुनवाई करते हुए 7 दिन के अंदर बायलोज और एक्ट के अनुसार सुनवाई करते हुए तथ्यों पर ध्यान देकर आदेश देने को कहा गया। साथ ही स्टेट रजिस्ट्रार ने अपने आदेशों में कहा कि जिला रजिस्ट्रार ने कई तथ्यों की अनदेखी की है।
वहीं दूसरी तरफ स्कूल मैनेजमेंट ने सोसायटी एक्ट 2012 में दिए प्रावधानों और प्रबंधक कमेटी के बायलोज के आधार पर कोषाध्यक्ष पंकज जैन को हटा दिया और बकायदा उनकी जगह पर नए का योगेश जैन को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी। जिसके बाद पीकेआर जैन स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की ओर से 15 जून 2026 को जिला रजिस्ट्रार को लिखित में लेटर देकर बता दिया गया था कि सोसायटी एक्ट और स्कूल कमेटी के बायलोज के अनुसार गर्वनस बॉडी की बैठक करके कोषाध्यक्ष पंकज जैन को हटाकर उनकी जगह योगेश जैन को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी गई है। जिसके बाद जिला रजिस्ट्रार की ओर से 30 जून 2026 को जारी किए गए लेटर में कहा गया कि जो स्कूल प्रबंधक की तरफ से 15 जून 2026 को लेटर दिया गया है उसका जिक्र करते हुए मैनेजमेंट को अधिकार दिया गया कि वह एक्ट और स्कूल बायलाेज को ध्यान में रखे हुए सोसायटी का काम करें। ऐसे में यदि कानूनी जानकारों की माने तो जिला रजिस्ट्रार ने 30 जून को लेटर जारी करते हुए पीकेआर जैन स्कूल मैनेजमेंट द्वारा बदलने गए कोषाध्यक्ष की अप्रूवल माना जा सकता है। सीधेतौर पर कहे तो जिला रजिस्ट्रार ने पंकज जैन की जगह नए कोषाध्यक्ष को काम संभालने की जिम्मेदारी देने को मंजूर कर लिया।
दोबारा सुनवाई करना जिला रजिस्ट्रार के सबसे बड़ी उलझन
कानूनी जानकारों का मानना है कि जब जिला रजिस्ट्रार ने 30 जून 2026 को स्कूल प्रबंधक कमेटी को कोषाध्यक्ष को बदलने की अप्रूवल दे दी या फिर कहे कि लेटर जारी करते हुए एक्ट और बायलाेज के अनुसार काम करने की परमिशन दे दी। अब ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि 15 मई 2026 को जो कोषाध्यक्ष को लेकर जिला रजिस्ट्रार द्वारा आदेश दिए गए थे वह कही पर अब वेलिड नही रह जाते। वही दूसरी तरफ जब जिला रजिस्ट्रार ने नए कोषाध्यक्ष के नाम पर सहमति दे दी तो ऐसे में अब पूरी शिकायत की अपील का कोई औचित्य नहीं बनता। कानूनी जानकारों का मानना है कि जब जिला रजिस्ट्रार नए कोषाध्यक्ष की नियुक्ति किए जाने पर कमेटी को एक्ट और बायलोज के अनुसार काम करने की परमिशन दे दी। वहीं अब स्टेट रजिस्ट्रार द्वारा आदेश देने के बाद कोषाध्यक्ष को न हटाए जाने वाली सुनवाई का मतलब नही बनता। क्योकि स्कूल प्रबंधक उसे हटा चुका है और रजिस्ट्रार से स्वीकृति भी आ गई है।









