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Ambala Coverage News : चुनाव से पहले एक बार फिर जैन समाज में आपस में तल्खी बढ़ी, सालों पुरानी संस्था को रिन्यू करवाने पर उठ रहे सवाल!

अंबाला कवरेज @ अमित अठवाल

श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ (रजि) की देख रेख में चलने वाले एसए जैन सीनियर हाई स्कूल के साथ साथ अन्य एसए जैन स्कूलों के चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है तो वही दूसरी तरफ जैन समाज के लोगों में चुनाव से ठीक पहले आप में तल्खी बढ़ना शुरू हो गया है। जुटाए तथ्यों की बात करें तो श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ (रजि) से जुड़े कुछ लोगों ने मिलकर सालों पुरानी संस्था श्री आत्मानंद जैन हाई स्कूल सोसायटी को दोबारा रिन्यू करवा दिया और कई वित्तीय फैसले अपने स्तर पर लेने की कौशिश की। बताया जाता है कि सालों पहले श्री आत्मानंद जैन हाई स्कूल सोसायटी के अंडर एसए जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल चलता था, लेकिन बाद में समाज के लोगों ने मिलकर श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ (रजि) करवाकर सभी संस्थाएं एक कर दी है। बताया जाता है कि संघ के चुनाव को लेकर आज समाज के लोगों की मीटिंग है और इस मीटिंग से उन लोगों को घेरने की तैयारी है, जिन्होंने सालों पूरी संस्था को दोबारा रिन्यू करवा।

जुटाए तथ्यों की बात करें तो श्री आत्मानंद जैन हाई स्कूल सोसायटी को केवल 15 लोगों ने मिलकर रिन्यू करवा लिया। जबकि श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ (रजि) के अंडर करीब 550 सक्रिय मैंबर है। मामला उस समय ओर भी ज्यादा दिलचस्प बन जाता है जब यह तथ्य सामने आए कि स्कूलों की पेरेंटस बॉडी श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ (रजि) ने यह कहा कि उन्हें मालूम ही नही कि किसी पूरी संस्था को रिन्यू करवाया गया है। वहीं जैन समाज के लोग दबी जुर्बान में कहते हैं कि जिन लोगों ने सालों पूरी संस्था की दोबारा रिन्यूवल करवाई है उन्होंने नियमों की अनदेखी की है। यदि उनकी मंशा ठीक होती तो वह श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ (रजि) की बैठक में संस्था को रिन्यू करवाने का एजेंडा रखे और जरनल हाउस की बैठक बुलाकर सदस्यों की सहमति से काम करते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बताया जाता है कि जैन समाज के बीच में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है और ये ही कारण है कि संस्था को रिन्यू करवाने वाले लोग अब समाज के लोगों का सीधेतौर पर सामना करने से बच रहे हैं।

जिला रजिस्ट्रार की कार्रप्रणाली पर भी उड़ रहे सवाल

कानूनी जानकार बताते हैं कि किसी भी संस्था को रिन्यू करवाने का नियम है, लेकिन रिन्यू करवाने से पहले कई दस्तावेजों की जरूरत होती है। अब सवाल यह है कि जो संस्था सालों से कोई काम ही नही कर रही थी और सालों से उसका प्रधान व अन्य के बारे में कुछ नही पता था। ऐसे में किन दस्तावेजों के आधार पर रिन्यू किया गया है उसको लेकर जैन समाज के बीच चर्चाएं तेज हैं। चर्चा यह भी है कि आखिर ऐसा क्या कारण रहा है कि केवल 15 लोगों ने बिना किसी को बताए संस्था को रिन्यू करवाया है। बात कुछ भी हो, लेकिन आने वाले दिनों में एक बार फिर जैन स्कूल संस्था सुर्खियों में हो सकती है।

पहले भी हुआ था प्रयास, लग गया था जुर्माना

जुटाए तथ्यों की बात करें तो 2016 में भी तत्कालीन प्रधान सुदेश जैन और रविकांत सेक्रेटरी ने संस्था को रिन्यू करवाने का काम किया था। उस समय स्कूल के लिए संघर्ष कर रहे दिनेश जैन ने मामले को उठाया था और बकायदा लिखित शिकायतें की थी। जिसके बाद दिनेश जैन की शिकायत के आधार पर जुर्माना लगाया गया था। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि भविष्य में एक बार फिर से कानूनी विवाद शुरू होने की तैयारी है।

Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

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