अंबाला कवरेज @ अमित अठवाल
अंबाला। अंबाला शहर पीकेआर जैन स्कूल मैनेजमेंट में कोषाध्यक्ष पंकज जैन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी दहलीज तक पहुंच गया है। मैनेजमेंट के आरोपों को माने तो बैंक अधिकारी दबाव में आकर सोसायटी नियमों को नजरअंदाज कर मैनेजमेंट को तंग कर रहे हैं और बैंकों की वित्तीय लेन देन को रोक दिया गया है। जबकि स्टेट रजिस्ट्रार से लेकर जिला रजिस्ट्रार तक बार बार आदेश जारी कर चुके हैं कि सोसायटी एक्ट और बायलॉज को ध्यान में रखते हुए स्कूल की वित्तीय काम करें। मैनेजमेंट के अमन जैन की माने तो प्रबंधक की ओर से बैंकों को कई बार लेटर लिखा गया और मिलकर भी आया गया, लेकिन बैंक अधिकारी स्टेट रजिस्ट्रार के आदेशों के भी बैंक खातों को खोलने के लिए तैयार नही है। ये ही कारण है कि अब सभी बैंक मैनेजरर्स को नोटिस दिया गया और यदि फिर भी बैंक नही माने ताे मैनेजमेंट को व्यक्तिगततौर पर पार्टी बनाकर कोर्ट में केस दाखिल किया जाएगा।
स्कूल मैनजमेंट की ओर से आईसीआईसीआई अग्रसैन चौक, एचडीएफसी बैंक अग्रसैन चौक, बैंक ऑफ बरोदा प्रेम नगर, पंजाब नेशनल बैंक दुर्गानगर, एक्सेस बैंक मानव चौक, इंडियन ओवसीज बैंक आर्य चौक के मैनेजर को नोटिस दिया गया है।
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यह कि मेरा मुवक्किल एक अत्यधिक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था (सोसाइटी) है जो अंबाला शहर में प्रतिष्ठित स्कूलों का संचालन करती है। यह सोसाइटी हजारों छात्रों की शिक्षा और सैकड़ों शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों की आजीविका का प्रबंधन करती है। अपने दैनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने और अपने वित्त का प्रबंधन करने के लिए, मेरा मुवक्किल आपकी शाखा में आवश्यक बैंक खाते संचालित करता है।
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यह कि आपको पहले भी ईमेल और विभिन्न संचार माध्यमों से अवगत कराया गया था कि सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी (शासी निकाय) ने दिनांक 16.05.2026 को एक कार्यकारी बैठक बुलाई थी। उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए, गवर्निंग बॉडी ने लगातार अनुशासनहीनता और वैध संस्थागत भुगतानों में बाधा डालने के कारण श्री पंकज जैन को कैशियर (कोषाध्यक्ष) के पद से हटाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। सोसाइटी के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए श्री योगेश जैन को विधिवत कार्यवाहक कैशियर नियुक्त किया गया था।
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यह कि इस वैध रूप से पारित प्रस्ताव की औपचारिक सूचना 15.06.2026 को जिला रजिस्ट्रार (DR), फर्म एवं सोसाइटीज, अंबाला को दी गई थी। जिला रजिस्ट्रार ने 30.06.2026 को इस सूचना को स्वीकार किया और स्पष्ट रूप से कहा कि गवर्निंग बॉडी सोसाइटी के पंजीकृत उप-नियमों (bye-laws) के अनुसार कार्य करने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।
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यह कि इसके अलावा, जिला रजिस्ट्रार द्वारा दिनांक 15.05.2026 को पारित पूर्व आदेश को माननीय राज्य रजिस्ट्रार, हरियाणा ने अपने आदेश दिनांक 23.07.2026 के तहत पूरी तरह से रद्द कर दिया है और मामले को नए सिरे से निर्णय के लिए वापस भेज (remand back) दिया है। इसलिए, गवर्निंग बॉडी के प्रस्ताव को लागू करने में रुकावट डालने वाला कोई भी कानूनी प्रतिबंध या आदेश अस्तित्व में नहीं है।
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यह कि आवश्यक प्रस्ताव और केवाईसी (KYC) दस्तावेज जमा करने के बावजूद, आपके बैंक ने अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं (authorized signatories) को अपडेट करने से गैर-कानूनी रूप से इनकार कर दिया है और सोसाइटी के आवश्यक भुगतानों को लगातार रोक रखा है। बैंक के पास किसी सोसाइटी के आंतरिक प्रशासनिक निर्णयों पर निर्णय लेने या ऑन-रिकॉर्ड गवर्निंग बॉडी के बहुमत द्वारा पारित स्पष्ट व वैध प्रस्ताव के बावजूद संस्थागत संचालन को रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
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यह कि फंड (धनराशि) को मनमाने ढंग से रोकने के कारण संस्था में भारी प्रशासनिक अव्यवस्था और वित्तीय अस्थिरता पैदा हो रही है। सोसाइटी कर्मचारियों का वेतन, विक्रेताओं (vendors) के बिल और वैधानिक देनदारियों का भुगतान करने में असमर्थ है, जिससे छात्रों का भविष्य और कर्मचारियों की आजीविका खतरे में पड़ गई है।
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यह कि आपको एतद्द्वारा यह नोटिस मिलने के 48 घंटों के भीतर अपने रिकॉर्ड को अपडेट करने और पूर्व-कैशियर श्री पंकज जैन के स्थान पर श्री योगेश जैन का नाम कार्यवाहक कैशियर और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में दर्ज करने का निर्देश दिया जाता है।
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यह कि यदि आपका बैंक इस मांग का निर्धारित 48 घंटों के भीतर पालन करने में विफल रहता है, तो आप और आपकी शाखा के जिम्मेदार अधिकारी संस्था को होने वाले सभी वित्तीय नुकसान, ब्याज देनदारियों और प्रतिष्ठा की हानि के लिए व्यक्तिगत और कानूनी रूप से उत्तरदायी होंगे। मेरा मुवक्किल आपके बैंक के खिलाफ पूरी तरह से आपके जोखिम और लागत पर उचित नागरिक (civil) और आपराधिक (criminal) कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए बाध्य होगा।
सबसे बड़ा सवाल, जब जिला रजिस्ट्रार ने दे दी परमिशन तो बैंकों को क्यों एतराज
सबसे बड़ा सवाल यह है कि गवर्निंग बॉडी ने लगातार अनुशासनहीनता और वैध संस्थागत भुगतानों में बाधा डालने के कारण श्री पंकज जैन को कैशियर (कोषाध्यक्ष) के पद से हटाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। सोसाइटी के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए श्री योगेश जैन को विधिवत कार्यवाहक कैशियर नियुक्त किया गया था। जिसकी अप्रुवल जिला रजिस्ट्रार कार्यालय से 30 जून को दे दी गई थी और बकायदा यह कह दिया गया था कि वह स्कूल मैनेजमेंट कमेटी सोसायटी एक्ट और बायलाज के अनुसार काम कर सकती है तो ऐसे में सीधेतौर पर यह कहना गलत नही होगा कि सोसायटी ने जो कोषाध्यक्ष पंकज जैन को हटाकर योगेश जैन को जिम्मेदारी दी है उसकी अप्रूवल दे दी है। फिर भी बैंक बार बार पंकज जैन को ही कोषाध्यक्ष के साइन क्यों मांग रहा है।









