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स्कूल खोलने की तरफ सरकार बड़ी पहल, पढ़िए क्या जारी किए नए आदेश

शिक्षामंत्री कंवलपाल गुज्जर

चंडीगढ़। केंद्र सरकार द्वारा लॉक डाउन-4 के बाद एक जून से अनलॉक-1 के तहत प्रदेश सरकार पर स्कूलों को खोलने की योजना बनाने की जिम्मेदारी छोड़ दी। जहां एक ओर बार बार शिक्षामंत्री कंवलपाल गुज्जर ने जुलाई में कुछ शर्तों के साथ स्कूल खोलने पर अपना विचार रखा तो वहीं इसी मामले को लेकर वीरवार को अंबाला शहर में डीईओ उमा शर्मा की अध्यक्षता में निजी स्कूल संचालकों व अभिभावकों के साथ बैठक कर स्कूल खोलने के लिए विचार विर्मश किया और लिखित में सु­ााव मांगे। जहां दोपहर के समय स्कूल संचालकों ने डीईओ के सामने स्कूल खोलने से पहले स्टाफ को बुलाने की परमिशन देने का आग्रह किया था, लेकिन शाम होते होते सरकार की तरफ से स्टाफ को बुलाने की परमिशन जारी कर दी गई।
सरकार ने वीरवार देर शाम को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया कि स्कूल संचालक अब स्कूल के स्टाफ को बुला सकते हैं। इस दौरान जारी किए गए आदेशों में कुछ शर्तों की पालना करने के लिए कहा गया है, जिसमें स्पष्टतौर पर कहा गया कि टीचर्स व अन्य स्टाफ को बुलाने का यह मतलब नहीं कि वहां पर क्लासें लगाई जाएगी। किसी को क्लास लगाने की परमिशन नहीं दी जाएगी। वहीं टीचर्स की परमिशन स्कूल संचालकों को इस कारण दी गई है क्योंकि वह स्कूलों के रिजल्ट आने हैं तो वहीं दूसरी तरफ जो एडमिशन नहीं हो पाए वह एडमिशन शुरू की जा सके। सरकार ने स्पष्टतौर पर कहा कि सोशल डिस्टेंस के साथ साथ टीचर्स मॉस्क पहनकर रखेगी और कोरोना-19 को लेकर जारी किए गए आदेशों की पूरी तरह पालना करेंगी। फिलहाल इस मामले में बेशक सरकार का लेटर कुछ भी कहता हो, लेकिन शिक्षामंत्री कंवलपाल गुज्जर की भावना स्पष्टतौर पर नजर आ रही है कि वह जुलाई से ट्रायल के तौर पर स्कूलों को खोलने का मन बना चुके हैं।
शिक्षामंत्री कंवलपाल गुज्जर स्पष्ट कर चुके हैं कि ट्रायल के तौर पर पहले सीनियर सेकेंडरी क्लासों को कम बच्चों की संख्या के साथ शुरू किया जाएगा। वह स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार चाहती है कि स्कूल खुले और 15-15 बच्चों की क्लास लगाई जाए और यदि यह ट्रायल कामयाब होता तो बाद में 6वीं क्लास से लेकर ऊपर की क्लासों को भी इसी तरह चलाया जाएगा। फिलहाल वीरवार को हुई बैठक के दौरान निजी स्कूल संचालकों ने यह तो बात कहीं कि बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि स्कूलों को खोलने का फैसला सरकार अपने स्तर पर ले। वहीं यदि स्कूल खोले जाते हैं तो सेनिटाइजेशन की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाए, जबकि सोशल मीडिया पर अभिभावक स्कूल खोले जाने का जमकर विरोध कर रहे हैं।

Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

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