अमित अठवाल
अंबाला कवरेज @ अंबाला विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर आज दिनांक 28 जुलाई 2026 को आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बाड़ा में एक भव्य निःशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर डॉ. सतपाल जाश्ट, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, अम्बाला के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया। शिविर का सफल संचालन डॉ. समिधा शर्मा, प्रभारी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बाड़ा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ धर्मेंद्र द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात डॉ. समिधा शर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों एवं आशा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हेपेटाइटिस रोग के विभिन्न प्रकार, इसके कारण, लक्षण, संक्रमण के तरीके तथा बचाव के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर जांच, संतुलित आहार, स्वच्छ जीवनशैली एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के माध्यम से हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने आयुर्वेद के अनुसार यकृत (लिवर) को स्वस्थ रखने के लिए उचित दिनचर्या, पौष्टिक एवं सुपाच्य भोजन, तैलीय एवं नशीले पदार्थों से परहेज तथा नियमित योग एवं प्राणायाम अपनाने का भी संदेश दिया। इस अवसर पर चार गांवों की आशा कार्यकर्ता रीमा, उषा, अवनींदर, पूनम एवं प्रेम उपस्थित रहीं। साथ ही ग्रामवासी रीना, जसविंदर, जगेरो, ममता, प्रेम सहित अनेक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक शिविर में भाग लिया। शिविर के दौरान श्रीमती सोनिया शर्मा (योग प्रशिक्षक) एवं दीपेंद्र कौर (योग सहायक) ने सभी प्रतिभागियों को प्राणायाम एवं योगाभ्यास का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने भ्रामरी, शीतली, शीतकारी सहित विभिन्न श्वास संबंधी योग क्रियाओं का अभ्यास करवाते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा यकृत सहित सम्पूर्ण शरीर स्वस्थ रहता है। शिविर को सफल बनाने में नसीब (डिस्पेंसर), सन्नी (पार्ट-टाइम कर्मचारी), सन्नी तथा रजनी का विशेष सहयोग रहा। सभी कर्मचारियों ने पूरे समर्पण और उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजित निःशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर में आए सभी लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता अनुसार उन्हें यकृत स्वास्थ्यवर्धक आयुर्वेदिक औषधियां एवं लिवर टॉनिक निःशुल्क वितरित किए गए। शिविर का लाभ लगभग 60 ग्रामीणों ने प्राप्त किया। उपस्थित ग्रामीणों एवं आशा कार्यकर्ताओं ने इस प्रकार के जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रमों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सभी ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद जागरूकता शिविरों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।









