अमित अठवाल
अंबाला कवरेज@अंबाला केंद्रीय ट्रेड यूनियंस व संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर जिला भर के मजदूर, किसान, परियोजना वर्कर्स, कर्मचारी, छात्र व नौजवान सिटी पार्क में इकठे हुए। यंहा सभा करने के बाद प्रदर्शकारी केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रतिरोध मार्च करते हुए जैसे ही उपायुक्त कार्यलय के गेट पर पहुँचे वंहा पुलिस ने गेट बंद कर प्रदर्शनकारियों को अंदर जाने से रोक दिया। जंहा पुलिस के साथ धक्का मुक्की के बाद प्रदर्शनकारी उपायुक्त कार्यलय के अंदर प्रवेश कर गए। लगभग एक घंटा प्रदर्शन करने के बाद लगभग 500 आंदोलनकारियों ने गिरफ्तारियां दी। प्रशासन के पास बसें कम पड़ गई। पुलिस सभी को गिरफ्तार कर थाना सदर अम्बाला में ले गई। जंहा ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने मजदूरों व किसानों के बीच आकर सभी को गिरफ्तारी के बाद रिहा करने की घोषणा की। सत्याग्रह की सांझी अध्यक्षता ट्रेड यूनियंस की और से सीटू से कविता शर्मा, एटक से का. ओम प्रकाश, इंटक से बलविंद्र सैनी व संयुक्त किसान मोर्चा से श्रृंगारा सिंह भारतीय किसान यूनियन टिकेत व अखिल भारतीय किसान सभा से का. टेक चंद बेरखेड़ी ने की। मंच का संचालन सीटू से सतीश सेठी ने किया। सर्व कर्मचारी संघ से इंद्र सिंह बधाना, रिटायर कर्मचारी संघ से कुलदीप चौहान व एस एफ आई के नेता आशिक जोंसन ने आंदोलन का समर्थन किया। आंदोलनकारियो ने सत्याग्रह के माध्यम से मुख्यतः मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड व किसान विरोधी अमरीका के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौता को रद्ध करने की मांग की। इसके साथ ही आशा व मिड डे मील वर्कर्स समेत सभी परियोजना वर्कर्स, वन मजदूरों एवं ग्रामीण चौकीदार व सफाई कर्मियों सहित सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, न्यूनतम वेतन 30 हज़ार लागू करने, सी2+50 प्रतिशत के हिसाब से फ़सल खरीद की गारंटी देने, ठेकेदारी प्रथा बंद करने, सार्वजनिक शिक्षा, स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य, बिजली व परिवहन समेत सभी जन कल्याण के महकमो के निजीकरण पर रोक लगाने, मनरेगा क़ानून व पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने, निर्माण मजदूरों का पंजीकरण कर सभी लाभ देने, जनसंख्या मुताबिक नए पद सर्जित कर स्थाई भर्ती कर बेरोजगारों को रोजगार देने, किसानों व मजदूरों को कर्जामुक्त करने की मांग को उठाया।किसान व मजदूर नेताओं ने कहा कि लम्बे समय से यह मांगे केंद्र व प्रदेश सरकार के सामने रखी जा रही है। परन्तु कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आंदोलन के दवाब में सरकार यूनियंस से समझौते करके उन्हें लागू नहीं करती। इन हालात में मजदूर किसान गिरफ्तारी देने के लिए मजबूर है। प्रदर्शन में सफाई व फायर कर्मचारियों की 6 अगस्त से जारी हड़ताल के समर्थन का प्रस्ताव पास किया गया। युवा किसान नेता चमन गुज्जर व सीटू नेता सर्वजीत कौर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली के क्षेत्र में एग्रो डिस्काम, पेरलल लाइसेंस व स्मार्ट मीटर योजना किसानो, मजदूरो व कर्मचारियों को किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है। इसलिए सरकार फैसला वापिस ले। वरना बिजली कर्मियों के साँझा मोर्चा की 11 से 13 अगस्त तक होने वाली हड़ताल सरकार के कफ़न में कील ठोकने का काम करेगी। क्योंकि इसमें मजदूर संगठन सीटू व संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ता बिजली कर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े होंगे।प्रदर्शन को उक्त के इलावा नगरपालिका कर्मचारी संघ से सेवा राम व शंकर पामा, आशा वर्कर्स यूनियन की और से बलजीन्द्र कौर, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन से ललिता खन्ना व सोनिया, रिटायर कर्मचारी संघ से करनेल सिंह, एसकेएस से रवि चौहान व रमेश श्योकंद, भवन निर्माण कामगार से शीतल राम व सृजन, वन मजदूर यूनियन से सुरिंन्द्र कुमार, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन से निर्मल सिंह व संजीव कुमार, ग्रामीण चौकीदार सभा से सुच्चा सिंह, शहरी ठेका सफाई कर्मचारी यूनियन से बीर सिंह व सिकंदर, सीटू से रमेश नन्हेंड़ा, सतपाल राणा, एटक से अरुण कुमार व इंटक से बसंत सैनी इत्यादि ने सम्बोधित किया।









