अमित अठवाल
अंबाला कवरेज @ अंबाला। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2, अंबाला छावनी में केंद्रीय विद्यालय संगठन, गुरुग्राम संभाग के तत्वावधान में आयोजित संभाग स्तरीय राष्ट्रीय एकता पर्व-2026 के अंतर्गत कला उत्सव का दो दिवसीय आयोजन बुधवार को उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक विविधता के संदेश के साथ संपन्न हुआ। आयोजन में गुरुग्राम संभाग के विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य एवं दृश्य कला की विविध विधाओं में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। दूसरे दिन के कार्यक्रम में समूह गायन, समूह वाद्य संगीत, एकल शास्त्रीय नृत्य तथा दृश्य कला की विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। समूह गायन में विद्यार्थियों ने लोक, भक्तिमय एवं देशभक्ति गीतों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय भावना को स्वर दिया। समूह वाद्य संगीत में विद्यार्थियों ने पारंपरिक एवं शास्त्रीय वाद्य यंत्रों के सामूहिक वादन से सुर और ताल का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। एकल शास्त्रीय नृत्य में विद्यार्थियों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपराओं की भाव-भंगिमाओं, मुद्राओं और लयबद्धता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वहीं दृश्य कला प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने चित्रांकन, पेंटिंग, प्रिंटिंग, कैरिकेचर, मूर्तिकला तथा स्वदेशी खिलौनों एवं स्थानीय शिल्प के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता को अभिव्यक्त किया। समापन समारोह में केंद्रीय विद्यालय संगठन, गुरुग्राम संभाग के उपायुक्त चंद्रशेखर आजाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ अनिल कुमार केंद्रीय विद्यालय संगठन, गुरुग्राम संभाग के सहायक आयुक्त विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अमन गुप्ता, प्राचार्य, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-4, अंबाला; अजीत यादव, प्राचार्य, पीएम केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, अंबाला तथा अमित अरोड़ा, प्राचार्य, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-3, अंबाला भी उपस्थित रहे। उपायुक्त चंद्रशेखर आजाद ने प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कला विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, उसे निखारने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में परिणाम से अधिक सीखने, अनुभव प्राप्त करने और निरंतर उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य हरिन्द्र सिंह लाम्बा ने मुख्य अतिथि चंद्रशेखर आजाद, उपायुक्त, गुरुग्राम संभाग, केंद्रीय विद्यालय संगठन; विशिष्ट अतिथि अनिल कुमार, सहायक आयुक्त एवं एक भारत, श्रेष्ठ भारत के प्रभारी; निर्णायक मंडल, अनुरक्षक शिक्षकों एवं सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कला उत्सव विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन, सहयोग और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर प्रतियोगिताओं के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का निर्धारित मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन किया।
निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में दिखाई गई सृजनात्मकता, मौलिकता, तकनीकी दक्षता, भावाभिव्यक्ति और भारतीय कला एवं संस्कृति की समझ की सराहना की। बबीता ठाकरान डागर, स्नातकोत्तर शिक्षिका (भूगोल) ने कहा कि इस आयोजन ने विद्यार्थियों को एक-दूसरे की कला एवं संस्कृति को समझने तथा उससे सीखने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय कला उत्सव में एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। देश के विभिन्न क्षेत्रों की लोक एवं शास्त्रीय कला परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत कर विद्यार्थियों ने भारत की विविधता में एकता को जीवंत कर दिया।










