अंबाला कवरेज @ अंबाला।
अंबाला। पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल,अम्बाला शहर के नर्सरी विंग में इंटरनैशनल टाइगर डे मनाया गया। इंटरनैशनल टाइगर डे हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है और इसका मुख्य उद्देश्य विश्व में टाइगर की प्रजाति को विलुप्त होने से बचाने के लिए यह दिन मनाया जाता है। इस कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए बच्चों के लिए ग्रीन कलर के दुपट्टों का प्रयोग करके टनल बनाई गई और इसे एक जंगल का थीम दिया गया ,जिसे देखकर बच्चे बहुत उत्साहित हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को टाइगर के विषय में बताना था और बच्चों को यह बताया गया कि टाइगर भारत का नैशनल एनिमल है। टाइगर को विशेष तौर पर तेज रफ्तार, शिकार करने की क्षमता और फुर्ती के लिए जाना जाता है।

इस अवसर पर बच्चों ने सेव टाइगर से संबंधित कविताएं सुनाई और छोटे-छोटे बच्चों ने सेव एनिमल्स थीम पर बहुत सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया ,जिसे सभी ने सराहा । बच्चों को अलग-अलग एनिमल्स की साउंड सुनाई गई और बच्चों ने आवाज को पहचान कर उन एनिमल्स के नाम बताएं । इसके द्वारा बच्चों की लिसनिंग स्किल्स को विकसित करने का प्रयास किया गया । जिसे बच्चों ने बहुत इंजॉय किया। स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. विकास कोहली ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत सेव टाइगर कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस महज जागरूकता दिवस से कहीं अधिक है।
यह इस बात की याद दिलाता है कि बाघ, जंगल और मनुष्य प्रकृति के माध्यम से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं बाघ पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में मदद करते हैं, और उनका अस्तित्व सुरक्षित आवास, मजबूत संरक्षण प्रयासों और जन जागरूकता पर निर्भर करता है। बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है। हमें बाघों की रक्षा करनी चाहिए और उन्हें विलुप्त होने से बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए।










