अमित अठवाल
अंबाला कवरेज @ नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा ने संसद के मानसून सत्र में सिख समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण, कौशल विकास, शिक्षा, वित्तीय सहायता तथा विरासत संरक्षण से जुड़े विषयों पर केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा।अपने उत्तर में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने बताया कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (PM-VIKAS) योजना के माध्यम से देश की छह अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए कार्य कर रही है। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसके अंतर्गत कौशल विकास, उद्यमिता और शिक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है।
सरकार ने बताया कि 31 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 59 प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटिंग एजेंसियों को 1.56 लाख लाभार्थियों के प्रशिक्षण का लक्ष्य दिया गया है। इनमें दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (DSGMC) को 31,600 अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण का लक्ष्य सौंपा गया है।अब तक 32,138 अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, जिनमें 11,217 सिख समुदाय के लाभार्थी शामिल हैं। साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (NMDFC) के माध्यम से 972 सिख लाभार्थियों को ₹15.19 करोड़ की वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है।राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि सिख समाज केवल एक समुदाय नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सेवा, बलिदान और समर्पण की जीवंत पहचान है। देश की रक्षा से लेकर सामाजिक सेवा और आर्थिक विकास तक, सिख समुदाय का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि समाज के युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उनकी प्रतिभा को नई उड़ान मिले और सिख समुदाय की समृद्ध विरासत आने वाली पीढ़ियों तक और अधिक सशक्त रूप में पहुंचे।









