अंबाला कवरेज @ अंबाला।
अंबाला शहर पीकेआर जैन स्कूल मैनेजमेंट के बीच चल रहा आपसी विवाद अभी शांत नहीं हुआ है। वैसे तो पीकेआर जैन मैनेजमेंट ने कोषाध्यक्ष पंकज जैन को बदलकर योगेश जैन को कार्यवाहक कोषाध्यक्ष नियुक्त कर दिया। जिसको लेकर मैनजमेंट की तरफ से 15 जून 2026 को बकायदा इस संबंध में जिला रजिस्ट्रार को एक लेटर भेजकर सूचना दी गई थी। जिसके बाद जिला रजिस्ट्रार की ओर से बकायदा 30 जून 2026 को मैनेजमेंट को लेटर लिखकर बायलॉज और एक्ट के अनुसार कार्यवाही करने के आदेश जारी कर दिए। जिसके बाद सीधेतौर पर कानून के जानकार बताते है कि जिला रजिस्ट्रार की तरफ से लेटर आने के बाद सीधेतौर पर यह माना जाता है कि जिला रजिस्ट्रार की तरफ से बदले गए पदाधिकारी की अप्रूवल मिल गई है। वहीं दूसरी तरफ कोषाध्यक्ष के पद पर रहते हुए पंकज जैन की ओर से अपनी शक्तियों को लेकर जिला रजिस्ट्रार के पास केस दाखिल किया था। जिसके बाद उसकी अपील जिला रजिस्ट्रार के आदेशों को लेकर मैनेजमेंट ने स्टेट रजिस्ट्रार पर की थी। स्टेट रजिस्ट्रार के आदेशों के बाद जिला रजिस्ट्रार को दोबारा सुनवाई के लिए कहा गया था और इसी के चलते अब 5 अगस्त को दोबारा सुनवाई का समय दिया गया है।
जुटाए तथ्यों की बात करें तो मैनेजमेंट के पदाधिकारी ने बताया कि स्टेट रजिस्टर ने 23 जुलाई 2026 को आदेश करते हुए जिला रजिस्टर को दोबारा से मामले की सुनवाई करते हुए तथ्यों और एक्ट के अनुसार कार्रवाई करने हुए आदेश पारित करने को कहा है। पीकेआर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सेक्रेटरी अमन जैन ने बताया कि उनका स्कूल के मैनेजर और कैशियर के साथ विवाद चल रहा था। उन्होंने बताया कि मैनेजर ओर कैशियर ने जिला रजिस्ट्रार को शिकायत देते हुए मैनेजर और कैशियर को नजरअंदाज किए जाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद जिला रजिस्ट्रार में कैशियर पंकज जैन और मैनेजर के पक्ष में फैसला देते हुए मैनेजर को पावर्स दे दी। जबकि सोसाइटी एक्ट में और स्कूल समिति के बायलाज में कहीं भी इसका कोई प्रावधान नहीं है।जिला रजिस्ट्रार के आधार पर दिए गए आदेशों पर बैंक अधिकारियों ने सेलरी सहित वित्तिय लेने देने रोक दिए। अमन जैन ने बताया कि स्कूल मैनेजमेंट कमेटी जिला रजिस्ट्रार द्वारा दिए गए आदेशों के खिलाफ स्टेट रजिस्ट्रार पर अपील दाखिल की। 23 जुलाई 2026 को स्टेट रजिस्ट्रार ने आदेश जारी करते हुए जिला रजिस्ट्रार को दिशा निर्देश दिए कि सात दिनों के अंदर मामले की सभी तथ्यों के आधार पर दुबारा सुनवाई करते हुए बॉयलॉज ओर एक्ट के अनुसार आदेश पारित करें। साथ ही स्टेट रजिस्ट्रार ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि जिला स्तर पर हुई सुनवाई में कई तथ्यों ओर बॉयलॉज को नजरअदाज किया गया है। साथ ही 7 दिनों में सुनवाई के आदेश दिए हैं।
क्लर्क के पास जिला रजिस्ट्रार से ज्यादा पावर?
पीकेआर जैन स्कूल मैनेजमेंट विवाद की चर्चा समाज के लोगों के बीच में खूब है। इसी बीच चर्चा जिला रजिस्ट्रार के आफिस में काम करने वाले एक क्लर्क को लेकर भी है। बताया जाता है कि सालों से सेटिंग के दम पर वह अंबाला में ही नौकरी कर रहा है और जब तक उसकी ट्रासफर नहीं हुई। आरटीआई एक्टिविस्ट जनार्दन का कहना है कि यदि एक क्लर्क सालों ये यहां पर बैठा है और खुद को रजिस्ट्रार से ऊपर माना तो इस संबंध में लिखित शिकायत और आरटीआई लगाकर रिकॉर्ड मांगा जाएगा। वही दूसरी तरफ जैन समाज में चल रही चर्चाओं की बात करें तो इसी क्लर्क के कारण पहले नियमों व बायलॉज को नजरअंदाज करके फैसला दिया गया था। कानूनी जानकार मानते हैं कि यदि जिला रजिस्ट्रार द्वारा नियमों को नजरअंदाज करके फैसला दिया जाता है तो मैनेजमेंट के पास पावर है कि वह स्टेट रजिस्ट्रार को शिकायत करते हुए विभागीय कार्रवाई करवा सकती है। अब देखना यह होगा कि स्टेट रजिस्ट्रार द्वारा दिए गए आदेशों के आधार पर जिला रजिस्ट्रार द्वारा फैसला दिया जाता है या एक बार फिर एक्ट व बायलॉज को नजरअंदाज किया जाता है।









