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शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बावजूद निजी स्कूलों को नियम 134ए का नहीं मिला पैसा- कुंडू

प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसाइटी

चंडीगढ़ (अंबाला कवरेज)। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने शिक्षा विभाग पर आरोप लगाया है कि शिक्षा मंत्री के साथ हुई मीटिंग में सहमति बनने के बावजूद अभी तक प्राइवेट स्कूलों को नियम 134ए के तहत बच्चों को फ्री दिए गए एडमिशन की प्रतिपूर्ति का पैसा अभी तक नहीं दिया गया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू व प्रांतीय उपप्रधान सौरभ कपूर अंबाला ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार सरकार हर महीने सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों पर लगभग चार हजार रूपए प्रति बच्चे के हिसाब से खर्च कर रही है, जबकि प्राइवेट स्कूल नियम 134ए के तहत आठवीं तक केवल तीन सौ से सात सौ रूपए प्रति बच्चे के हिसाब से पढ़ाते हुए सरकार के करोड़ों रूपए बचाते हुए आर्थिक मदद कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने शैक्षणिक स्तर 2019-20 के तहत नियम 134ए का पैसा प्राइवेट स्कूलों का नहीं दिया है, यहां तक की 2018-19 तक का चार वर्षों का पैसा भी अधिकतर जिलों में अभी तक नहीं मिल पाया है।

इसके बारे में शिक्षामंत्री कंवरपाल गुज्जर से लॉकडाउन के बाद 27 मई व 26 जून को दो बार प्राइवेट स्कूल संघ की बैठक हो चुकी है, लेकिन बार बार शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद भी अभी तक प्राइवेट स्कूलों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि सरकार ने 30 करोड़ रूपए रिलीज कर दिए हैं, लेकिन यह पैसा कहां गया, इसकी कोई जानकारी नहीं है। इसके साथ ही कुंडू ने नौंवी से 12वीं तक का पैसा भी निर्धारित करने की मांग की, क्योंकि इन कक्षाओं के बच्चों को भी प्राइवेट स्कूल 134ए के तहत फ्री पढ़ा रहे हैं। संघ के प्रांतीय उपप्रधान सौरभ कपूर ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में पिछले तीन महीने से फीस न आने के कारण स्कूल स्टाफ का वेतन अभी तक नहीं दे पाएं है। इसलिए सरकार स्कूलों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध करवाए ताकि टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को वेतन दिया जा सके। उन्होंने वादा किया कि यह पैसा बच्चों की फीस आने के बाद लौटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मदद नहीं की तो हजारों स्कूल बंदहोने की कगार पर चले जाएंगे, जिससे लाखों कर्मचारियों को रोजी रोटी के लाले पड़ जाएंगे।

Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

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