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प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के निजी स्कूलों की आर्थिक स्थिति बदहाल: सौरभ कपूर

इंटीग्रेटेड प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसाइटी

अंबाला (अंबाला कवरेज)। इंटीग्रेटेड प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसाइटी की एक बैठक एसजीएन पब्लिक स्कूल गांव चौड़मस्तपुर अंबाला में हुई। जिसमें लगभग 35 स्कूलों ने भाग लिया। बैठक में प्राइवेट स्कूलों पर आ रही सभी परेशानियों पर खुलकर चर्चा हुई। आईपीएसएस के प्रधान सौरभ कपूर ने बताया कि हरियाणा प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में चल रहे निजी स्कूलों के आर्थिक स्थिति इस समय बदहाल है स्कूलों के पिछले सत्र की भी ट्यूशन फीस अभी तक नहीं आ पाई थी और लॉक डाउन होने के बाद 3 महीने बीत जाने के बाद भी केवल 10 प्रतिशत से ज्यादा ट्यूशन फीस अभिभावकों द्वारा नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि निजी स्कूल पिछले 2 महीनों की सैलरी भी अभी तक टीचर्स को नहीं दे पाए हैं, जिसके कारण 1 जुलाई से द्वारा आॅनलाइन शिक्षा करवाना मुश्किल हो गया है। सौरभ कपूर ने बताया कि सरकारी आदेशों के अनुसार सभी अभिभावकों को महीने के हिसाब से अपने बच्चों की ट्यूशन फीस जमा करवानी थी और जो अभिभावक लॉकडाउन के दौरान बच्चे की ट्यूशन फीस देने में असमर्थ था उसकी फीस जून-जुलाई और अगस्त की ट्यूशन फीस में किस्तों में लेने का प्रावधान सरकार ने रखा गया था, मगर अभी तक ग्रामीण इलाकों में 10 प्रतिशत अभिभावकों द्वारा भी ट्यूशन फीस नहीं दी गई। जिस कारण स्कूलों के खर्चे निकलना भी मुश्किल हो गया है। सौरभ कपूर ने बताया कि अगर अभिभावकों द्वारा ट्यूशन फीस भी नही करवाई गई तो आॅनलाइन कक्षाएं लगाना असंभव है। इस अवसर पर महासचिव अजय खटकड़, कोषाध्यक्ष रोहित सूरी, संरक्षक बंसीलाल कपूर, सुच्चा सिंह, त्रिलोचन सिंह, अमरजीत सिंह सैनी, जरनैल सिंह, अनुराधा बंसल, सोनिया सूरी, अमित नागपाल, प्रवीण घई, डिंपल, विनोद एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

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