अमित अठवाल
अंबाला कवरेज@ अंबाला। अंबाला शहर पीकेआर जैन मैनेजमेंट के अंदर चलने वाले स्कूलों में स्टाफ की सैलरी ना मिलने के बाद आज मैनेजमेंट ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। मैनेजमेंट के पदाधिकारी ने बताया कि उनकी तरफ से किसी भी स्टाफ की सैलरी नहीं रोकी गई है और बैंक प्रबंधन की ओर से जिला रजिस्ट्रार के आदेश का हवाला देते हुए सैलरी को रोका गया है। इस मामले को लेकर स्टेट रजिस्टर पर अपील की गई थी इसके बाद स्टेट रजिस्टर ने 23 जुलाई 2026 को आदेश करते हुए जिला रजिस्टर को दोबारा से मामले की सुनवाई करते हुए तथ्यों और एक्ट के अनुसार कार्रवाई करने हुए आदेश पारित करने को कहा है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए पीकेआर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सेक्रेटरी अमन कपूर ने बताया कि उनका स्कूल के मैनेजर और कैशियर के साथ विवाद चल रहा था। उन्होंने बताया कि मैनेजर ओर कैशियर ने जिला रजिस्ट्रार को शिकायत देते हुए मैनेजर और कैशियर को नजरअंदाज किए जाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद जिला रजिस्ट्रार में कैशियर दीपक और मैनेजर के पक्ष में फैसला देते हुए मैनेजर को पावर्स दे दी। जबकि सोसाइटी एक्ट में और स्कूल समिति के बायलाज में कहीं भी इसका कोई प्रावधान नहीं है।जिला रजिस्ट्रार के आधार पर दिए गए आदेशों पर बैंक अधिकारियों ने सेलरी सहित वित्तिय लेने देने रोक दिए। अमन जैन ने बताया कि स्कूल मैनेजमेंट कमेटी जिला रजिस्ट्रार द्वारा दिए गए आदेशों के खिलाफ स्टेट रजिस्ट्रार पर अपील दाखिल की। 23 जुलाई 2026 को स्टेट रजिस्ट्रार ने आदेश जारी करते हुए जिला रजिस्ट्रार को दिशा निर्देश दिए कि सात दिनों के अंदर मामले की सभी तथ्यों के आधार पर दुबारा सुनवाई करते हुए बॉयलॉज ओर एक्ट के अनुसार आदेश पारित करें। साथ ही स्टेट रजिस्ट्रार ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि जिला स्तर पर हुई सुनवाई में कई तथ्यों ओर बॉयलॉज को नजरअदाज किया गया है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला रजिस्ट्रार के दिशानिर्देशों को कितनी गंभीरता से लेते है ओर दिए गए निर्देशों के अनुसार सात दिन में तथ्यों के आधार पर फैसला देते है।यहां पर जिक्र करना जरूरी है कि स्कूल सेक्रेटरी अमन जैन ने बताया बॉयलॉज ओर एक्ट के अनुसार मैनेजर को किसी भी वित्तिय लेने देने की कोई पावर नही है। वही दूसरी तरफ उन्होंने बताया कि स्कूल के बॉयलॉज में स्पष्ट तौर पर लिखा है यदि कोई मैंबर मैनेजमेंट से मिलकर नहीं चलता ओर काम में बांधा डालता है तो ऐसे में मैनेजमेंट के पदाधिकारी व मैबर बहुमत के आधार पर उसको निष्काषित कर सकते है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी बॉयलॉज ओर एक्ट के अनुसार मैनेजमेंट ने कैशियर दीपक को पद से मुक्त किया है। उन्होंने कहा कि जिलास्तर पर एक बार फिर मैनजमेंट का पक्ष जोरदार से रखा जाएगा ओर उन्हें विश्वास है जिलास्तर पर रजिस्ट्रार स्टेट रजिस्ट्रर के आदेशों को मानते हुए निर्धारित समय पर सुनवाई के बाद आदेश जारी करेंगे।








